नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है। माँ का यह स्वरूप ऊर्जा, शक्ति और सृजन का प्रतीक माना जाता है। भक्त श्रद्धा के साथ माँ की पूजा कर सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
माँ कूष्मांडा की पूजा के साथ नवरात्रि महोत्सव में भक्ति और उत्साह का क्रम आगे बढ़ता है। श्रद्धालु माँ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए परिवार के मंगल और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।