नवरात्रि के तृतीय दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ का स्वरूप साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक माना जाता है। भक्त विधि-विधान से पूजा कर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।
इस दिन नवरात्रि की भक्ति और उत्सव का वातावरण और अधिक भक्तिमय हो जाता है। श्रद्धालु माँ के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करते हुए परिवार और समाज के कल्याण की कामना करते हैं।